Navratri Dates and Aarti

Navratri Day 1 (Pratipada) – 17th October, 2020 (Saturday)

Navratri Day 2 (Dwitiya) – 18th October , 2020 (Sunday)

Navratri Day 3 (Tritiya) – 19th October, 2020 (Monday)

Navratri Day 4 (Chaturthi) – 20th October, 2020 (Tuesday)

Navratri Day 5 (Panchami) – 21st October, 2020 (Wednesday)

Navratri Day 6 (Shashthi) – 22nd October, 2020 (Thursday)

Navratri Day 7 (Saptami) – 23rd October, 2020 (Friday)

Navratri Day 8 (Ashtmi , Mahanavmi) – 24th October, 2020 (Saturday)

Navratri Day 9 ( Dashmi/Dusshera) – 25th October, 2020 (Sunday)

अम्बाजी की आरती

जय अम्बे गौरी,
मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशिदिन ध्यावत,
तुमको निशिदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी
ॐ जय अम्बे गौरी
जय अम्बे गौरी,
मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशिदिन ध्यावत,
तुमको निशिदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी
ॐ जय अम्बे गौरी
माँग सिन्दूर विराजत,
टीको जगमग तो
उज्जवल से दो‌ नैना,
चन्द्रवदन नीको
ॐ जय अम्बे गौरी
कनक समान कलेवर,
रक्ताम्बर राजै रक्तपुष्प गल माला,
कण्ठन पर साजै
ॐ जय अम्बे गौरी
केहरि वाहन राजत,
खड्ग खप्परधारी सुर-नर-मुनि-जन सेवत,
तिनके दुखहारी
ॐ जय अम्बे गौरी
कानन कुण्डल शोभित,
नासाग्रे मोती कोटिक चन्द्र दिवाकर,
सम राजत ज्योति
ॐ जय अम्बे गौरी
शुम्भ-निशुम्भ बिदारे,
महिषासुर घाती धूम्र विलोचन नैना,
निशिदिन मदमाती
ॐ जय अम्बे गौरी
चण्ड-मुण्ड संहारे,
शोणित बीज हरे
मधु-कैटभ दो‌उ मारे,
सुर भयहीन करे
ॐ जय अम्बे गौरी
ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी
आगम-निगम बखानी,
तुम शिव पटरानी
ॐ जय अम्बे गौरी
चौंसठ योगिनी गावत,
नृत्य करत भैरव बाजत ताल मृदंगा,
और बाजत डमरु
ॐ जय अम्बे गौरी
तुम ही जग की माता,
तुम ही हो भरता भक्‍तन की दु:ख हरता,
सुख सम्पत्ति करता
ॐ जय अम्बे गौरी
भुजा चार अति शोभित,
वर-मुद्रा धारी मनवान्छित फल पावत,
सेवत नर-नारी
ॐ जय अम्बे गौरी
कन्चन थाल विराजत,
अगर कपूर बाती श्रीमालकेतु में राजत,
कोटि रतन ज्योति
ॐ जय अम्बे गौरी
श्री अम्बेजी की आरती,
जो को‌ई नर गावै कहत शिवानन्द स्वामी,
सुख सम्पत्ति पावै
ॐ जय अम्बे गौरी
जय अम्बे गौरी,
मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशिदिन ध्यावत,
तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी
ॐ जय अम्बे गौरी

अम्बे तू है जगदम्बे काली की आरती

अम्बे तू है जगदम्बे काली
जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती
ओ मैया हम सब
उतारे तेरी आरती
ओ अम्बे तू है जगदम्बे काली
जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती
ओ मैया हम सब
उतारे तेरी आरतीतेरे भक्तजनो पर मैय्या
भीड़ पड़ी है भारी
भीड़ पड़ी है भारी
दानव दल पर टूट पड़ो
माँ करके सिंह सवारी
करके सिंह सवारी
तेरे भक्तजनो पर मैय्या
भीड़ पड़ी है भारी
भीड़ पड़ी है भारी
दानव दल पर टूट पड़ो
माँ करके सिंह सवारी
करके सिंह सवारी
सौ-सौ सिहों से भी बलशाली
दस भुजाओं वाली
दुखियों के दुखड़े निवारती
ओ मैया हम सब
उतारे तेरी आरती
ओ अम्बे तू है जगदम्बे काली
जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती
ओ मैया हम सबउतारे तेरी आरतीमाँ-बेटे का है इस जग मे
बड़ा ही निर्मल नाता
बड़ा ही निर्मल नाता
पूत-कपूत सुने है
पर ना माता सुनी कुमाता
ना माता सुनी कुमाता
माँ-बेटे का है इस जग मे
बड़ा ही निर्मल नाता
बड़ा ही निर्मल नाता
पूत-कपूत सुने है
पर ना माता सुनी कुमाता
ना माता सुनी कुमाता
सब पे करूणा दर्शाने वाली
सबको हरषाने वाली
नैया भंवर से उबारती
ओ मैया हम सब उतारे
तेरी आरती
ओ अम्बे तू है जगदम्बे काली
जय दुर्गे खप्पर वालीतेरे ही गुण गावें भारतीओ मैया हम सब
उतारे तेरी आरतीनहीं मांगते धन और दौलत
न चांदी न सोना
न चांदी न सोना
हम तो मांगें माँ तेरे चरणों में
छोटा सा कोना
इक छोटा सा कोना
नहीं मांगते धन और दौलत
न चांदी न सोना
न चांदी न सोना
हम तो मांगें माँ चरणों में
इक छोटा सा कोना
इक छोटा सा कोना
सबकी बिगड़ी बनाने वाली
लाज बचाने वाली
सतियों के सत को सवांरती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
ओ अम्बे तू है जगदम्बे काली
जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती
ओ मैया हम सब
उतारे तेरी आरती
ओ मैया हम सब
उतारे तेरी आरती
ओ मैया हम सब
उतारे तेरी आरती

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